हिजड़ा का इतिहास बहुत ही रोचक है

हिजड़ा का इतिहास काफी पुराना है। जबसे मनुष्य जाति धरती पर है तभी से हिजड़ा का इतिहास है। महाभारत और रामायण के पन्नों को पलटेंगे तो पता चलेगा कि वहां पर हिजड़ों का इतिहास रहा है।

पहले किन्नर राजाओं एवं महाराजाओं के घर पर नाचने और गाने के काम क्या करते थे। साथ ही शादी व बच्चों के जन्म पर भी वह नाच-गाना करते थे।

शादी में नाच-गाने का काम अभी भी करते हैं जो उनका आय का मुख्य स्रोत है। लेकिन कुछ सालों से देह व्यापार में भी शामिल रहे हैं।

मुगल के समय में हिजड़ों को राज-दरबारी काम मिला था। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में हिजड़ों ने सक्रिय भूमिका निभाई थी जिसके कारण ब्रिटिश सरकार ने हिजड़ा समुदाय को अपराधी घोषित कर दिया था। भारत सरकार ने 1949 में इस कानून को निरस्त कर दिया गया था।

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद भारत में हिजड़ो को अन्य नागरिकों की तरह सभी मौलिक अधिकार प्राप्त हैं।

आप जैसा कि जानते हैं किन्नर या हिजरा माता पिता नहीं बन सकते हैं लेकिन सवाल उठता है कि किन्नर कैसे पैदा हो जाते हैं ? आपको बता दूं कि किन्नरों का जन्म भी हमारे ही घर में होता है।

किन्नर के रूप में जन्मे बच्चे को माता पिता स्वयं किन्नरों के हवाले कर देते हैं या किन्नर खुद उसे ले जाते हैं। जिसका वह लालन पोषण करते हैं।

मानव जाति का क्रोमोसोम संख्या 46 होता है। जिसमें 44 आटोजोम होता है। बाकी दो सेक्स क्रोमोजोम होते हैं।

यही दो सेक्स क्रोमोसोम सब कुछ का निर्णय करता है। अगर यही दो सेक्स क्रोमोसोम XY है तो वह पुरुष कहलाता है। जबकि, XX होने पर महिला कहलाता है।

Kinnar kise kahate hain? XY और XX क्रोमोसोम के इलावा ( XXX, YY, OX ) क्रोमोसोम वाले मनुष्य को क्रोमोसोमल डिसऑर्डर बोलते हैं जिसे आम भाषा में छक्का या हिजड़ा या किन्नर कहा जाता है।

जब बच्चा मां के गर्भ में पल रहा होता है। कुछ कारणों से क्रोमोजोम नंबर में या क्रोमोसोम की आकृतियों में परिवर्तन हो जाता है। जिसके कारण किन्नर पैदा हो जाते है।

किन्नर की संख्या लगातार देश में घट रहा है क्योंकि अब मेडिकल साइंस यह पता कर लेता है कि मां के गर्भ में पलने वाला बच्चा किन्नर तो नहीं है। अगर होता है। गर्भ में ही मार दिया जाता है जिसे मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी बोलते हैं।

Updated: 24/07/2021 — 08:43

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *